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प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव स्मृति साहित्य प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण

सोमवार, 31 जुलाई 2017

          आज दिनांक 31 जुलाई 2017 को प्रतिष्ठित बालसाहित्यकार श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की पहली पुण्य तिथि है।उनकी स्मृति में पिछले दिनों प्रतिष्ठित संस्था  सेवा संकल्प  द्वारा विबग्योर हाई स्कूल,गोमती नगर,लखनऊ के बच्चों के लिए एक साहित्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।आज इस साहित्य प्रतियोगिता के प्रतिभागी विबग्योर हाई स्कूल के समस्त छात्र-छात्राओं को स्कूल परिसर में सेवा संकल्प द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में पुरस्कार स्वरूप साहित्यिक किताबें,मूमेंटो एवं प्रमाण पत्र वितरित किया गया।बच्चों को ये पुरस्कार जनसन्देश टाइम्स के प्रधान संपादक डा०सुभाष राय और प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार बंधु कुशावर्ती के कर कमलों द्वारा वितरित किया गया।
                        कार्यक्रम की शुरुआत श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की तस्वीर पर
आगंतुक अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से हुयी।तत्पश्चात विबग्योर हाई स्कूल की प्रधानाचार्य सुश्री रश्मि सिंह जी ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ दे कर किया।सेवासंकल्प संस्था की महामंत्री सुखप्रीत कौर ने बच्चों और अतिथियों को सेवा संकल्प संस्था के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी।  
                       
                  कार्यक्रम में श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव के साहित्यिक योगदान पर चर्चा हुयी।हिंदी के प्रतिष्ठित दैनिक जनसन्देश टाइम्स के प्रधान संपादक डा०सुभाष राय ने श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव के समग्र साहित्यिक अवदान पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने साहित्य की हर विधा पर कम किया है।कहानी,नाटक,रेडियो नाटकों के साथ ही बाल  उपन्यास एवं संस्मरणात्मक साहित्य उनके लेखन की प्रिय विधाएँ  थी।डा०राय ने बच्चों को भारत वर्ष के पूर्व राष्ट्रपति डा० कलाम साहब का उदाहरण देते हुए कहा कि कलाम साहब को बच्चों से बहुत लगाव था।उनका कहना था की हर बच्चे के अन्दर रचनात्मकता होती है।बच्चों की इस रचनात्मकता को हमें निखारना होगा। 

प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार एवं समालोचक श्री बंधु कुशावर्ती ने श्री प्रेम स्वरूप श्रीवास्तव के बाल उपन्यासों और बाल  नाटकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके नाटक और बाल  उपन्यास दोनों में ही देश प्रेम की भावना कूट कूट कर भरी है।उनका उपन्यास “मौत के चंगुल” में काफी चर्चित हुआ है।उनके  बाल नाटकों का एक संग्रह नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा शीघ्र प्रकाशनाधीन है ।बंधु कुशावर्ती  ने बच्चों को मुंशी प्रेमचंद के साहित्य के बारे में भी विस्तार से बताया और उन्हें मुंशी प्रेमचंद की कहानियों का उदहारण देते हुए बताया कि उनकी सारी बाल  कहानियां उनके आस-पास के बचपन के दोस्तों से जुडी हैं ।बंधु जी ने बच्चों से ये भी कहा की प्रेमचंद जी और प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी दोनों में प्रेम शब्द सामान है और हमें इसी प्रेम को भाईचारे की भावना  दुनिया में फैलाना है।
            
प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी के पुत्र प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार एवं कवि डा०हेमंत कुमार ने कहा कि उनके पिता श्री प्रेमस्वरूप जी एक सकारात्मक विचारों वाले  और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे ।लेखन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इतनी थी कि अपने जीवन के अंतिम दिनों तक लिखते रहे। निधन के लगभग एक माह पूर्व उन्होंने एक बाल उपन्यास और दो रेडियो नाटक पूर्ण किये।अब उनके समस्त अप्रकाशित साहित्य को पाठकों के समक्ष लाने का प्रयास किया  जा रहा  है।
            समारोह में विब्ग्योर हाई की प्रधानाचार्य सुश्री रश्मि सिंह,उप-प्राचार्य मिस लवलीन,संयोजिका-सुश्री जास्लीन के साथ ही सेवा संकल्प संस्था के उपाध्यक्ष श्री शिव कुमार, महामंत्री सुखप्रीत कौर, हिंदी की प्रतिष्ठित ब्लागर एवं कवयित्री श्रीमती पूनम श्रीवास्तव,श्री विपुल कुमार,युवा चित्रकर्त्री नित्या शेफाली ने उपस्थित होकर कार्यक्रम में पुरस्कृत बच्चों का उत्साह वर्धन किया।
क्रिएटिवकोना के लिए रिपोर्टिंग:




नित्या शेफाली  


2 टिप्पणियाँ:

बलराम अग्रवाल 31 जुलाई 2017 को 12:23 pm  

अति सुन्दर। उपयोगी प्रतियोगिता।

Kavita Rawat 31 जुलाई 2017 को 10:56 pm  

बहुत अच्छी प्रेरक प्रस्तुति
आयोजक एवं सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं!

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. ‘देख लूं तो चलूं’ “देश भीतर देश”--के बहाने नार्थ ईस्ट की पड़ताल “बखेड़ापुर” के बहाने “बालवाणी” का बाल नाटक विशेषांक। “मेरे आंगन में आओ” 1mai 2011 48 घण्टों का सफ़र----- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अण्डमान का लड़का अनुरोध अनुवाद अभिनव पाण्डेय अभिभावक अर्पणा पाण्डेय। अशोक वाटिका प्रसंग अस्तित्व आज के संदर्भ में कल आतंक। आतंकवाद आत्मकथा आने वाली किताब आभासी दुनिया आश्वासन इंतजार इण्टरनेट ईमान उत्तराधिकारी उनकी दुनिया उन्मेष उपन्यास उपन्यास। उलझन ऊँचाई ॠतु गुप्ता। एक ठहरा दिन एक बच्चे की चिट्ठी सभी प्रत्याशियों के नाम एक भूख -- तीन प्रतिक्रियायें एक महान व्यक्तित्व। एक संवाद अपनी अम्मा से एल0ए0शेरमन एहसास ओ मां ओडिया कविता औरत औरत की बोली कंचन पाठक। कटघरे के भीतर्। कठपुतलियाँ कथा साहित्य कथावाचन कला समीक्षा कविता कविता। कविताएँ कवितायेँ कहां खो गया बचपन कहां पर बिखरे सपने--।बाल श्रमिक कहानी कहानी कहना कहानी कहना भाग -५ कहानी सुनाना कहानी। काल चक्र काव्य काव्य संग्रह किताबें किशोर किशोर शिक्षक किश्प्र किस्सागोई कीमत कुछ अलग करने की चाहत कुछ लघु कविताएं कुपोषण कैमरे. कैसे कैसे बढ़ता बच्चा कौशल पाण्डेय कौशल पाण्डेय. कौशल पाण्डेय। क्षणिकाएं खतरा खेत आज उदास है खोजें और जानें गजल ग़ज़ल गर्मी गाँव गीत गीतांजलि गिरवाल की कविताएं गीताश्री गुलमोहर गौरैया गौरैया दिवस घर में बनाएं माहौल कुछ पढ़ने और पढ़ाने का घोसले की ओर चिक्कामुनियप्पा चिडिया चिड़िया चित्रकार चुनाव चुनाव और बच्चे। चौपाल छोटे बच्चे ---जिम्मेदारियां बड़ी बड़ी जज्बा जज्बा। जयश्री राय। जयश्री रॉय। जागो लड़कियों जाडा जात। जाने क्यों ? जेठ की दुपहरी टिक्कू का फैसला टोपी डा0 हेमन्त कुमार डा0दिविक रमेश। डा0रघुवंश डा०रूप चन्द्र शास्त्री डा0सुरेन्द्र विक्रम के बहाने डा0हेमन्त कुमार डा0हेमन्त कुमार। डा0हेमन्त कुमार्। डॉ.ममता धवन तकनीकी विकास और बच्चे। तपस्या तलाश एक द्रोण की तितलियां तीसरी ताली तुम आए तो थियेटर दरख्त दशरथ प्रकरण दस्तक दुनिया का मेला दुनियादार दूरदर्शी देश दोहे द्वीप लहरी नई किताब नदी किनारे नया अंक नया तमाशा नयी कहानी नववर्ष नवोदित रचनाकार। नागफ़नियों के बीच नारी अधिकार नारी विमर्श निकट नियति निवेदिता मिश्र झा निषाद प्रकरण। नेता जी नेता जी के नाम एक बच्चे का पत्र(भाग-2) नेहा शेफाली नेहा शेफ़ाली। पढ़ना पतवार पत्रकारिता-प्रदीप प्रताप पत्रिका पत्रिका समीक्षा परम्परा परिवार पर्यावरण पहली बारिश में पहले कभी पहाड़ पाठ्यक्रम में रंगमंच पार रूप के पिघला हुआ विद्रोह पिता पिता हो गये मां पितृ दिवस पुनर्पाठ पुरस्कार पुस्तक चर्चा पुस्तक समीक्षा पुस्तक समीक्षा। पेड़ पेड़ बनाम आदमी पेड़ों में आकृतियां पेण्टिंग प्यारी टिप्पणियां प्यारी लड़की प्रकृति प्रताप सहगल प्रथामिका शिक्षा प्रदीप सौरभ प्रदीप सौरभ। प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक शिक्षा। प्रेम स्वरूप श्रीवास्तव प्रेम स्वरूप श्रीवास्तव। प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव. प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव। फ़ादर्स डे।बदलते चेहरे के समय आज का पिता। फिल्म फिल्म ‘दंगल’ के गीत : भाव और अनुभूति फ़ेसबुक बखेड़ापुर बचपन बचपन के दिन बच्चे बच्चे और कला बच्चे का नाम बच्चे का स्वास्थ्य। बच्चे पढ़ें-मम्मी पापा को भी पढ़ाएं बच्चे। बच्चों का विकास और बड़ों की जिम्मेदारियां बच्चों का आहार बच्चों का विकास बदलाव बया बहनें बाजू वाले प्लाट पर बारिश बारिश का मतलब बारिश। बाल अधिकार बाल अपराधी बाल दिवस बाल नाटक बाल पत्रिका बाल मजदूरी बाल मन बाल रंगमंच बाल विकास बाल साहित्य बाल साहित्य प्रेमियों के लिये बेहतरीन पुस्तक बाल साहित्य समीक्षा। बाल साहित्यकार बालवाटिका बालवाणी बालश्रम बालिका दिवस बालिका दिवस-24 सितम्बर। बीसवीं सदी का जीता-जागता मेघदूत बूढ़ी नानी बेंगाली गर्ल्स डोण्ट बेटियां बैग में क्या है ब्लाग चर्चा भजन भजन-(7) भजन-(8) भजन(4) भजन(5) भजनः (2) भद्र पुरुष भयाक्रांत भारतीय रेल मंथन मजदूर दिवस्। मदर्स डे मनीषियों से संवाद--एक अनवरत सिलसिला कौशल पाण्डेय मनोविज्ञान महुअरिया की गंध माँ मां का दूध मां का दूध अमृत समान माझी माझी गीत मातृ दिवस मानस मानसी। मानोशी मासूम पेंडुकी मासूम लड़की मुद्दा मुन्नी मोबाइल मेरी अम्मा। मेरी कविता मेरी रचनाएँ मेरे मन में मोइन और राक्षस मोनिका अग्रवाल मौत के चंगुल में मौत। मौसम यात्रा युवा रंगबाजी करते राजीव जी रस्म मे दफन इंसानियत राजीव मिश्र राजेश्वर मधुकर राजेश्वर मधुकर। रामकली रामकिशोर रिपोर्ट रिमझिम पड़ी फ़ुहार रूचि लगन लघुकथा लघुकथा। लड़कियां लड़कियां। लड़की लालटेन चौका। लू लू की सनक लेख लेख। लेखसमय की आवश्यकता लौटना वनवास या़त्रा प्रकरण वरदान वर्कशाप वर्ष २००९ वह दालमोट की चोरी और बेंत की पिटाई वह सांवली लड़की वाल्मीकि आश्रम प्रकरण विकास विचार विमर्श। विश्व फोटोग्राफी दिवस विश्व रंगमंच दिवस व्यंग्य व्यक्तित्व व्यन्ग्य शक्ति बाण प्रकरण शाम शायद चाँद से मिली है शिक्षक शिक्षक दिवस शिक्षक। शिक्षा शिक्षालय शैलजा पाठक। शैलेन्द्र श्र प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव स्मृति साहित्य प्रतियोगिता संदेश संध्या आर्या। संसद संस्मरण संस्मरण। सड़क दुर्घटनाएं सन्ध्या आर्य सन्नाटा सपने दर सपने सफ़लता का रहस्य सबरी प्रसंग सभ्यता समय समर कैम्प समाज समीक्षा। समीर लाल। सर्दियाँ सांता क्लाज़ साधना। सामायिक सारी रात साहित्य अमृत सीता का त्याग.राजेश्वर मधुकर। सुनीता कोमल सुरक्षा सूनापन सूरज सी हैं तेज बेटियां सोशल साइट्स स्तनपान स्त्री विमर्श। स्वतन्त्रता। हंस रे निर्मोही हक़ हादसा। हाशिये पर हिन्दी का बाल साहित्य हिन्दी ब्लाग हिन्दी ब्लाग के स्तंभ हिम्मत होलीनामा हौसला accidents. 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